Soil Health Card Scheme Details, Objectives & How to Apply for It

Soil Health Card Scheme 2015 में प्रक्षेपित की गयी थी| Soil Health Card Scheme के बारे में hindi में सारी जानकारी इस आर्टिकल में दी गयी है| इस आर्टिकल में Soil Health Card Scheme के Objectives, Benefits और जानिए Soil Health Card के लिए कैसे आवेदन करे?

Soil Health Card Scheme Details In Hindi

Soil Health Card Scheme फरवरी 2015 में भारत सरकार द्वारा प्रक्षेपित की गयी थी| इस योजना के तहत भारत सरकार द्वारा हर किसानो को Soil हेल्थ कार्ड दिया जाएगा जो की क्रॉप वाइज सारी खेती के लिए जरुरी पोषक तत्वों और खाद की माहिती प्रदान की गयी होती है|

Soil Health Card योजना किसानो के लिए बेहद ही फायदेमंद था| गवर्नमेंट का मुख्य उदयेश ये था की निरक्षर फार्मर है उन्हें उनकी मिट्टी के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है और उन्हें यह भी पता नहीं होता की कौन सी जमीं में कौन से फसल की उपज ज्यादा हो सकती है|

वैसे देखा जाए तो Soil Health Card Yojana के तहत मिट्टी की गुणवत्ता और उसके प्रकार को चेक किया जाएगा| उस मिट्टी की गुणवत्ता और मिट्टी के प्रकार जानने की वजह से कौन सी फसल ज्यादा उपज देगी वह पता चल सकता है| इतना ही नहीं उस मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है और फसल की उपज में भी वृद्धि लायी जा सके|

साइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत किसान कल्याण पर ज्यादा ध्यान दिया गया है| इस योजना में Soil Health कार्ड प्रदान किया जाएगा| जिस कार्ड में किसान की जमीं का प्रकार एवं स्वास्थ्य के बारे में डिटेल दिए गए होते है|

Soil Health Card में फसलो की सूचि भी दी गयी है जिनसे किसानो को सबसे ज्यादा मुनाफा प्राप्त कर सकते है| इतना ही नहीं इस प्रयोग से कौन से उपाय करने चाहिए जिनसे प्रोडक्टिविटी में बढ़ावा किया जाएगा|

Soil Health Card Scheme Details

इस योजना की वजह देश के कही किसानो की जमीं की मिट्टी को भी परखा जाएगा| इसके बाद मिट्टी विशेषज्ञ मिट्टी की ताकत और कमजोरीया पता करेगे और सूक्ष्म तत्वों की कमी के बारे में जांच करेगे और फिर कुछ सुजाव देंगे जिनसे किसानो को उत्पादन बढाने में मदद मिलेगी|

इस कार्ड के जरिये आपको मिट्टी के जाँच रिजल्ट और सुजाव प्राप्त होंगे| इस योजना के तहत 14 करोड़ किसानो कार्ड प्रदान किये जाएगे| इस योजना के तहत 568 करोड़ का बजट तैयार किया गया है|

इस योजना के तहत 2015-16 के लिए 100 लाख मिट्टी के सैंपल तैयार किये जाएगे और 2 करोड़ कार्ड issue किये जाएगे| 2017 के अंत तक 14 करोड़ soil हेल्थ कार्ड issue किये जाएगे|

Objectives Of Soil Health Card Scheme

रेगुलर निगरानी से किसानो की दीर्घकालीन मृदा स्वास्थ्य के रिकॉर्ड प्राप्त हो सकते है और उसके आधार पर अलग अलग मिट्टियो को प्रबंधन प्रथाओ को मूल्यांकित कर सकते है|

समय समय पर एक ही व्यक्ति द्वारा नियमित जांच होने की वजह से अधिक प्रभावी तरीके से उपयोगी हो सके|

Soil Health Card Benefits

कार्ड के मुद्दे के साथ, किसानो की जमीं की मिट्टी पर निगरानी रखी जाएगी और उसके रिपोर्ट के आधार पर जमीं के लिए फसल चुने जाएगे|

निगरानी नियमित समय में की जाएगी और विशेषज्ञ द्वारा उन किसानो को फसल की उपज बढाने के हेतु सुजाव और उपाय भी प्राप्त हो सकते है|

इस योजना के तहत सिर्फ जमीं का प्रकार तय कर के उस जमीं को कैसे ज्यादा फलद्रुप बनाया जाए उस के लिए भी प्लान बनाये जाएगे| जिनसे जमीं की उर्वरता में और उत्पादन में बढौतरी की जाएगी|

Soil Health Card Scheme Details

Soil Health Card Scheme के लिए कैसे आवेदन करे?

जो भी किसान इस योजना के तहत Soil Health Card Scheme के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कर सकते हो|

अगर आपको Online आवेदन करना चाहते हो तो उसके लिए आपको csc यूजर के पास जाना होगा और आप खुद भी अपना यूजर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हो|

उसके बाद ही आप Soil Health Card के लिए आवेदन कर सकते हो|

CSC यूजर रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने के बाद आपको Soil Health Card इस लिंक पर क्लिक करना है| अब, इस soil हेल्थ कार्ड रजिस्ट्रेशन पोर्टल पहेले उसे रजिस्ट्रेशन करवाए|

यूजर रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद, CSC के द्वारा आप Soil Health Card Scheme के लिए |

Soil Health Card Scheme के लिए Offline कैसे रजिस्टर करेंगे?

अगर कोई अपनी जमीं के लिए Soil Health Card Scheme के लिए आवेदन करना चाहते हो तो,

पहेले, आपको कृषि ऑफिस की मुलाकात लेनी होगी और कृषि अधिकारी के पास से आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म लेना होगा|

और फिर उस फॉर्म में सारी डिटेल भरे जैसे की नाम, एड्रेस, आधार कार्ड नंबर, लैंड डिटेल्स और कांटेक्ट नंबर|

इतना ही नहीं आपको इसके साथ आपको जमीं और उस जमीं के फसल के बारे में भी जानकारी प्रदान करनी होगी| यह सारी जानकारी जांच के समय पर जरुरी है|

सारे दस्तावेजो की नक़ल करवाके फॉर्म के साथ जमा करवानी होगी|

एप्लीकेशन फॉर्म और दस्तावेजो की नक़ल सही कृषि विभाग की ऑफिस पर भेज दिए जाएगे| और फिर कृषि विभाग के ऑफिसर के द्वारा यह एप्लीकेशन को वेरीफाई किया जाएगा|

वेरिफिकेशन होने के बाद जो ऑफिसर्स है वह किसान का संपर्क कर के उस किसान की जमीं की मिट्टी के सैंपल लिए जाएगे|

उस मिट्टी की सैंपल की जांच के बाद उस किसान को Soil Health Card प्रदान किया जाएगा|

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