Available Rs.500/ Quintal Bonus For Cotton Farmers

Bonus For Cotton Farmers 

गुजरात सरकार ने कपास के किसानो के लिए बोनस का अनाउंसमेंट किया है वह भी 20 किलो पर 100 रुपये का बोनस घोषित किया गया है| इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आपको कही भी apply करने की जरुरत नहीं क्यों की जब कपास के किसान अपना उत्पाद बेचने के लिए बजार में जाएगे तब उन्हें ये बोनस की रकम प्राप्त हो जाएगी| 

इस योजना के तहत सरकार ने कपास के किसानो को 500 रुपये प्रति क्विन्टल बोनस दिया जाएगा| इस वजह से कपास के किसानो को 500 रुपये ज्यादा प्राप्त होगे| हालांकी, राज्य सरकार 2017 में 50.50 लाख क्विंटल कपास का उत्पादन हॉगा| 

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 1,250 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है| कपास की खरीद प्रक्रिया में कॉटन कोर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के सहयोग से उन्हें अच्छे भाव प्राप्त हो सके| 

अधिकारिक आंकड़ो के अनुसार, हर साल कपास का कुल उत्पादन 27.25 लाख हेक्टेयर था पर इस साल 26.41 लाख हेक्टेयर में हुआ था| जो की हर साल से 5 प्रतिशत कम है| गुजरात राज्य देश का बड़ा कपास का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, उससे कम महाराष्ट्र और तेलंगाना का कपास का उत्पादन होता है| 

राज्य सरकार ने घोषणा की बोनस को कपास के प्रकारों के आधारित तय किया गया था| छोटे स्टेपल के 4020 रुपये भाव, मध्यम स्टेपल के 4270 रुपये और लम्बे स्टेपल के 4320 रुपये भाव वह भी प्रति क्विंटल कपास की मौजूदा बाजार मूल्य 4210, और 4700 रुपये भाव वह भी प्रति क्विंटल के हिसाब से है| 

Cotton Farmers Bonus of Rs. 500 / Quintal

इस योजना के तहत कपास की खरीदी 1 नवम्बर से शुरू होगी और वह भी राज्य भर से सभी बाजार 56 में से 40 जितने प्रोक्योरमेंट केंद्र सिर्फ कपास के लिए है| इस योजना की वजह से किसानो को न्यूनतम 4820 रुपये प्रति क्विंटल भाव प्राप्त होगा| 

सुरेंद्रनगर, मोरबी, सौराष्ट्र के किसानो को मोन्सून सीजन में ज्यादा बारिश से बेहद ही नुकशान भुगतना पड़ा है| इस लिए इन विस्तारो के कृषि बोनस के लिए बेहद खुश है| 

राज्य सरकार ने इस योजना के तहत फसल बिमा फण्ड की मंजूरी दी गयी है और यह एजेंसी pmfby के तहत कार्य करेगी| राज्य सरकार किसानो के प्रीमियम, मध्यफसल बिमा सहायता और केंद्र और राज्य सरकार की फसल बिमा निधि के तहत बड़ी मात्रा में राशी इकट्ठी करके उस राशी को किसानो के बिमा क्लेम्स जल्द से जल्द चुकता किये जाएगे|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *