Gold Monetisation Scheme (स्वर्ण मुद्रीकरण योजना ) Hindi Me

इस पोस्ट में हम आपको Gold Monetisation Scheme (स्वर्ण मुद्रीकरण योजना ) Hindi Me बारे में डिटेल्स में बताने जा रहे हे जैसे की Gold Monetisation Scheme 2017 और, Gold Monetisation Scheme Interest Rate, Gold Monetisation Scheme Sbi इसके अलावा Gold Monetisation Scheme sbi,  Gold monetisation scheme 2018 और Gold Monetisation Scheme upsc. 

क्या आपको मालुम है की Gold Monetisation Scheme क्या है ? यदि आपको नहीं पता तो कोई बात नहीं , हम आपको इस पोस्ट के अंदर आपको विस्तृतरूप से माहिती बताने जा रहे हे , तो आप हमारा यह आर्टिकल ध्यान से पूरा पढ़े |

➡ हमारी भारत सरकार ने साल २०१५ मई के रोज सोने की मुद्रीकरण योजना की शरुआत की, इस स्कीम का मुख्य लक्ष देश में अभी अभी जो आयत ज्यादा चल रहा है उसे कम करने का भी उद्देश्य है|

➡ और आंकड़ों के सर्वे अनुसार देश में ३० अरब डॉलर से भी ज्यादा सोने का आयत होता है | और हम सब लोगो को यह पता है की देश में ज्यादा से ज्यादातर सोने का उपयोग धार्मिक स्थलों मंदिरो में भगवान के आभूषणो में और मुर्तिओ में उपयोग होता है |

➡ भारत देश के आवासीय और धार्मिक स्थलों में लगभग ८०० अरब से ज्यादा सोना ऐसा है जिसका उपयोग हम कही नहीं कर सकते | इस स्कीम का मुख्य उदेश्य सोने को एकत्र करके इसको आभूषण बनाने वाली कंपनी एवंम संस्था को उपलब्ध करना है और मुख्य मकसद यह है की यह सोने का उपयोग देश के विकास में लाना है |

➡ यह स्कीम यानि की Gold Monetisation Scheme हमारे भारत देश में १९९९ से प्रक्षेपित है |एक गैरफायदा यह है की देश में उपयोग में न लाया गया लगभग २०,००० टन सोना होने के बाद अगर देश के बहार देशो में सोना आयात किया जा रहा है तो आप उस स्कीम को सफल नहीं मान सकते | आगे की पुरानी gold monetization स्कीम सफल न होने का एक यही कारन है |

➡ यह स्कीम को देखते हुए यह लगता है की यह स्कीम किसी एक खास वर्ग को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है| क्योकि वे योजना आम आदमी की पहुंच से दूर है  |

➡ इस स्कीम के अनुसार सिर्फ वह व्यक्ति और संस्था अपने सोने का मुद्रीकरण gold monetization कर सकता है | इस स्कीम में जिसके पास कम से कम आधा किलो सोना हो वह  इस योजना का लाभ ले सकता है |

➡ दूसरा कारण यह भी है जिसके पास आधा किलो सोना है उन लोगो को इस स्कीम की सही से जानकारी उपलब्ध नहीं है | सरकार द्वारा सोने के मुद्रीकरण स्कीम पर दिया जाने वाला ब्याज भी केवल १ % था जो बहुत ही कम था  |

➡इसका परिणाम यह आया की सरकार २०,००० टन में से सिर्फ २० टन सोना ही एकत्र करने में कामयाब रही | इस स्कीम सफल नहीं होने की एक यह भी वजह है की सोना जमा करने की ज्यादा मात्रा और बहुत कम ब्याज के कारण यह स्कीम सफल नहीं हो पा रही है |

नई Gold Monetisation Scheme को देखते हुए यह लगता है की हमारी सरकार ने इस योजना के नाकामयाब होने के कारणों को खोजकर उन्हें दूर करने की कोशिश की है |

➡ इस नई Gold Monetisation Scheme के अंतर्गत हमारी सरकार ने सोने की जमा करने की मात्रा को ५०० ग्राम से सीधे ३० ग्राम कर दिया है | और उसका यह फायदा होगा की इस योजना में ज्यादा से ज्यादातर आम जनता को इससे जोड़ा जा सके  |

और दूसरा यह है की इस बार सरकार ने ब्याज दर को १ % से बढाकर सीधा २.५ % कर दिया है |

➡ और इस समय में लोग अधिक से अधिक इंटरनेट का उपयोग कर रहे है जिससे इस स्कीम सम्बन्धी जानकारी आसानी से उपलब्ध है | अगर स्कीम जनता के हित मई रही तो ५० % लोग अपने पास जो सोना है उसे निवेश करने के लिए तैयार है |

➡हमारी भारत सरकार ने इस साल कई तरह की योजनाए शरू की गयी है  | जिनका लाभ देश की जनता को मिलेगा साथ में ही इससे देश की अर्थ व्यवस्था में भी सुधार होगा |

➡ यदि आपके पास जरुरत से अधिक सोना है, तथा वह सिर्फ तिजोरी में रखा हुआ है और आपके किसी काम का नहीं है तो आप इस स्कीम का फायदा उठा सकते हो और इसके लिए आपको बैंक में अपना सोना रखना होगा और आपको इसके एवज में ब्याज मिलेगा |

➡ यह व्याज भी इसी तरह मिलेगा जैसी की फिक्स्ड डिपाजिट पे आपको व्याज मिलता है  |एक यह भी फायदा है की इस सोने के एवज में मिलने वाले ब्याज पर कोई इनकम टैक्स या पूंजीगत लाभ कर यानि की टेक्स नहीं लगेगा |

स्कीम शरू की जाने वाली तारीख

हमारी सरकार ने इस साल बजट में gold monetization स्कीम की घोषणा की थी,यह स्कीम गोल्ड डिपॉज़िट स्कीम के स्थान पर शरू की गयी है or ५ नवंबर २०१५ को यह योजना जारी की गयी है|

Gold Monetaization Scheme के अंतर्गत आने वाली शर्ते 

➡ योजना का मूल रूप :यदि कोई व्यक्ति इस स्कीम का लाभ लेना चाहता है तो उसे कम से कम ३० ग्राम सोना जमा करना होगा|

➡ इस स्कीम के अंतर्गत अधिकतम सोने की मात्रा का निर्णय नहीं लिया है| मतलब जमाकर्ता ३० ग्राम से लेकर अपनी इच्छानुसार सोना जमा कर सकता है|

➡ इस सोने के एवज में इस व्यक्ति को यानि की ग्राहक को बैंक द्वारा ब्याज दिया जायेगा | इस स्वर्ण जमा खाते पर वो ही नियम लागू होंगे ,जो सामान्यत : किसी जमा खाते पर होते है|

स्कीम के तहत शर्ते 

👉इस योजना में सोना जमा करने का समय कम से कम १ साल होना चाहिए|

👉 एक साल से कम अवधि के लिए सोना जमा नहीं किया जा सकता है|

👉 जमा किया जाने वाला सोना किसी भी रूप में हो सकता है जैसी की ज्वेलरी, सिक्के ,बिस्किट आदि , इस योजना का फायदा कोई भी भारतीय मूल का व्यक्ति उठा सकता है|

ब्याज सबंधी शर्ते 

 ▶ इस स्कीम में ब्याज का मूल्याङ्कन सोने के रूप में किया जायेगा|

 ▶ मतलब ऐसा है की ग्राहक अगर १०० ग्राम सोना जमा करता है तो बैंक उसे ५ प्रतिशत ब्याज देता है और समय संपूर्ण होने पर ग्राहक के अकाउंट में १०५ ग्राम सोना होगा|

▶ यदि कस्टमर चाहे तो सोना ले सकता है लेकिन वही सोना नहीं मिलेगा जो कस्टमर के द्वारा जमा किया गया है|

▶ सोना जमा करने के बाद उस दिन से ब्याज शुरू होगा और जब सोने की पूरी तरह जांच हो जाने पर उसे प्रमाणित किया जायेगा|

▶ इसके लिए ३० दिन का समय दिया गया है|

▶ इस स्कीम में बैंक ,ब्याज दर को अपने हिसाब से तय करेगी और आप यह ब्याज नगद एवम सोना दोनों रूप में ले सकते हो|

▶ लेकिन यह सोना जमा करते वक्त नक्की करना होगा की आप ब्याज किस रूप से लेना चाहते हो ,तथा आप इसे फिक्स्ड डिपाजिट की तरह भी समय से पहले इसे तोड़ सकते हो|

सोना सबंधी शर्ते 

⏩ असल में सोना २०,२२ या २४ कैरेट का होता है उसमे यह सवाल आता है की इसकी कीमत कैसे नक्की होगी ?

⏩ हमारे देश में मानक ब्यूरो द्वारा मान्यता प्राप्त ३५० हॉलमार्क सेंटर है|

⏩ जहा से ही सोने की शुद्धता जांच करवानी होगी, और इन केन्द्रो से प्राप्त सर्टिफिकेट के आधार पर ही सोना बैंको में रखा जायेगा|

⏩ इस योजना में जमा करता द्वारा किये गए सोने का परिक्षण किया जायेगा | प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही जमा करता इस स्कीम का फायदा उठा सकेंगे|

लॉक इन पीरियड सबंधी शर्ते 

इस स्कीम के तहत तीन लॉक इन पीरियड होंगे

  • शॉर्ट टर्म :(१-३ साल)
  • मीडियम टर्म : (५-७ साल )
  • लॉन्ग टर्म : ( १२-१५ साल )

इसके बावजूद यदि कोई मैच्युरिटी टाइम के पहले इसे बंध करना चाहते है तो इसके लिए सभी बैंक अपने हिसाब से शर्ते बनाएगी|

गोल्ड मॉनेटाइज़शन स्कीम के सरकार एव बैंको को लाभ 

▶ यह माना जा रहा है की घरो और अन्य संस्थानों में करीब २० हजार टन सोना पड़ा हुआ है जिसकी कीमत ६० लाख करोड़ रूपये है|

▶ यदि यह सोना बैंको के पास आता है तो बाजार में प्रवाहिता यानि की लिक्विडिटी बढ़ेगी  सोने की खपत सबसे ज्यादा भारत में होती है|

▶ हर साल ८०० से १००० टन सोना आयत किया जाता है | अगर आयात कम होगा तो विदेशी मुद्रा बचेगी|

▶ इस स्कीम से यह फायदा भी होगा बैंक विदेशी मुद्रा के लिए ये सोना बेच सकेगी|

▶ मिली हुई विदेशी मुद्रा से कर्ज दे सकेंगे| एवं बैंक इनके सिक्के बनाकर अन्य ग्राहकों को भी बेच सकती है , कमोडिटी एक्सचेंज पर ट्रेडिंग भी हो सकती है|

Benifit Of Gold Monatization Scheme (गोल्ड मॉनेटाइज़शन स्कीम के फायदे )

⇒ इस योजना के माध्यम से गोल्ड जमा करने पर धारक को ब्याज मिलता है|

⇒  इससे व्यक्ति घर में पड़ा सोना का उपयोग कर सकता है|

⇒ इस योजना से देश की अर्थ व्यवस्था में सुधार होगा| इस योजना के जरिये देश में सोना आयात कम होगा और  इसमें निर्यात भी करना संभव हो सकेगा|

⇒ बेंको को भी इस योजना से लाभ होगा,  इस योजना के तहत अधिकतम की कोई सिमा नहीं है और इसका फायदा ग्राहक को मिलेगा|

DisAdvantages Of Gold Monetaization Scheme (गोल्ड मॉनेटाइज़शन स्कीम के नुक्सान )

इस स्कीम के तहत गोल्ड जमा करने पर आपका सोना उपयोग में ले लिया जायेगा|

♦ समयाविधि पूरी होने पर और आपके अनुसार जब भी आपको सोना चाहिए आपको सोना आपके मूर्त यानि की असल रूप में नहीं मिलेगा|

♦ सोने की जांच की जाएगी उसके अनुसार जितना सोना होगा उतना ही ब्याज मिलेगा, और कोई भी गोल्ड आभूषण में पूरा प्रतिशत सोना नहीं होता|

♦ इसका नुक्सान ग्राहक को भी हो सकता है ,इससे ग्राहक को उतना ब्याज नहीं मिलेगा जितना उसे अन्य पॉलिसी के तहत मिलता है , इसमें व्यक्ति को अपने पसंद के सोने के आभूषण का मोह छोड़ना होगा|

♦ बैंक के द्वारा ब्याज दर लगाई जायेगी ,जो कम भी हो सकती है और कुछ बैंक में ब्याज के रूप में सोने के बदले पैसा ब्याज में दिया जा सकता है|

♦ इस स्कीम के तहत न्यूनतम मात्रा फिक्स की गयी है |जिसके कारन कई लोग जिनके कारण कई लोग जिनके पास कम सोना है लेकिन वे इसमें इन्वेस्ट करना चाहते है तो वे खुद ही योजना से बहार हो जायेगे ,और इसी वजह से कुछ लोग चाहकर भी हिस्सा नहीं बन पायेंगे|

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