Namami Gange Project {नमामि गंगे प्रोजेक्ट} In Hindi

 

नमामि गंगे प्रोजेक्ट का मुख्य हेतु गंगा को बचाना हे हम को अच्छी तरह से पता हे की गंगा बहोत पवित्र नदी हे इस नदी का सिर्फ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व नहीं हे बल्कि हमारे भारत देश की ४० % बस्ती गंगा पर निर्भर हे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने सन २०१४ में यह कहा था की अगर हम इस गंगा नदी को साफ़ करने में सक्षम हो गए तो भारत देश की ४० % आबादी के लिए यह बड़ी मदद साबित होगी. गंगा की सफाई एक आर्थिक एजेंडा भी हे.

भारत सरकार ने गंगा नदी के प्रदुषण और गंगा नदी को पुनर्जीवित करने के लिए नमामि गंगे नाम का एक एकीकृत गंगा सरक्षण मिशन का आरंभ किया. केंद्रीय मंत्रीमंडल ने भी नदी की सफाई के लिए बजट को चार गुना करते हुए साल २०१९-२०२० तक गंगा नदी की सफाई पर २०,००० करोड़ रूपये खर्च करने की मंजूरी दी और इस योजना में १०० % केंद्रीय हिस्सेदारी के साथ इस योजना को केंद्रीय योजना का नया रूप दिया.

स्वच्छ गंगा (नमामि गंगे) परियोजना के तथ्य

परियोजना की राशि २०३७ करोड़ रूपये
परियोजना में शामिल मंत्रालय केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय,गंगा नदी विकास और गंगा काया कल्प
परियोजना का उद्देश्य गंगा नदी की सफाई
परियोजना प्रारब्ध तारीख जुलाई २०१४
परियोजना की अवधि १८ साल
  • प्रारम्भ स्तर की गतिविधियों के अंतर्गत गंगा नदी की ऊपरी सतह की सफाई से लेकर बहते हुए ठोस कचरे की समस्या को हल करने.
  • सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की नालियों से आते मेले पदार्थ और इसमें आगे शौचालयो का निर्माण.
  • स्मशान गृह का नवीनीकरण, आधुनिकीकरण और निर्माण क्युकी आंशिक रूप से जले हुए शव को नदी में बहाने से रोका जा सके.
  • इस योजना के यह मकसद भी हे की लोगो और नदी के बीच सबंध को बेहतर करने के लिए घाटों के निर्माण,मरम्मत और आधुनिकीकरण का लक्ष्य भी निर्धारित हे.

नमामि गंगे परियोजना के मुख्य मुद्दे

  • इस योजना का सबसे बड़ा मुद्दा नदी की लंबाई हे.
  • इस स्कीम में २५०० किलोमीटर की दुरी कवर करने के साथ ही उसमे शामिल २९ बड़े शहर , ४८ कसबे और २३ छोटे शहरो कवर करती हे.
  • और इसके अलावा दूसरे कारण यह भी हे की नदी का हेवी प्रदूषण स्तर और औद्योगिक एकमो का अस्पष्ट केमिकल और कचरा और आम जनता द्वारा डाला गया कचरे का मुद्दा भी हे

आद्योगिक प्रदूषण की समस्या के लिए बेहतर प्रवर्तन के माध्यम से अनुपालन को बेहतर बनाने के प्रयास किये जा रहे हे , गंगा नदी के किनारे स्थित ज्यादा प्रदुषण फैलाने वाले उद्योगों को गंदे पानी की मात्रा काम करने और उसे पूर्ण तरीके से बंध करने का आदेश दिए गए हे.

नमामि गंगे परियोजना का कवर क्षेत्र

भारत के पांच राज्य

  • उत्तराखंड
  • झारखंड
  • उत्तरप्रदेश
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार

गंगा नदी के पथ में आते हे , और इसके बजाये सहायक नदियों के कारण वे निचे दिए मुजब state कुछ हिस्सों को भी छूता हे.

  • हिमाचल प्रदेश
  • राजस्थान 
  • हरियाणा
  • छत्तीशगढ़ और
  • दिल्ही 

गंगा नदी में नगर निगम और उद्योगों से आने वाले कचरे की समस्या का निकाल करने का ध्यान दिया जायेगा और यह प्रॉब्लम हल करने के लिए अगले ५ वर्षो में २५०० MLD अतिरिक्त ट्रीटमेंट कैपेसिटी की रचना की जायेगी और इस कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए सुधारे किये जा रहे हे.

परियोजना कार्यान्वयन के लिए वर्तमान समय में केबिनेट हाइब्रिड वार्षिकी आधारित पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विचार किया रहा हे. अगर यह योजना मंजूर हो जाती हे तो विशेष योजना वाले वाहन सभी मुख्य शहरो में रियायत का प्रबंधन करेगा.

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