Soil Health Card Scheme (सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम ) In Hindi

Soil Health Card Scheme को मृदा स्वास्थय कार्ड योजना से भी पहचाना जाता हे. यह योजना भारत सरकार जरिये सन 2015 में लायी गयी थी. सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम के तहत government की किसानो के लिए एक सॉइल कार्ड जारी करने की स्कीम हे|

❇ इस योजना का मुख्य हेतु किसानो को मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन करके अच्छी फसल प्राप्त करने में सहायता करने का हे. मिट्टी फसलों के लिए सबसे ज्यादा जरुरी होती हे|

❇मिट्टी की क्वालिटी अच्छी होगी तो फसल अच्छी होगी अगर मिट्टी की क्वालिटी अच्छी नहीं होगी तो फसल भी अच्छे से नहीं हो पायेगी|

❇ इसी वजह से भारत सरकार ने किसानो के लिए यह कार्ड जारी किया हे. इस योजना के अनुसार सरकार का तीन साल के अंदर ही पुरे भारत देश में लगभग १४ करोड़ किसानो को यह कार्ड जारी करने का उद्देश्य किया गया हे इस सॉइल हेल्थ कार्ड में एक रिपोर्ट छपेगी, हालाकि किसानो को अपने खेत और जमीन के लिए तीन साल में केवल १ बार दी जाएगी.

Soil Health Card Main Points (सॉइल हेल्थ कार्ड की मुख्य बाते)

क्रम मुख्य बाते योजना बिंदु
1 योजना का नाम सॉइल हेल्थ कार्ड योजना ( मृदा स्वास्थय कार्ड योजना )
2 योजना का क्षेत्र मिट्टी का परिक्षण
3 योजना लांच की तारीख 17 फरवरी 2015 को
4 योजना लांच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा
5 बजट 568 करोड

Importance of Soil health card Scheme (मृदा स्वास्थय कार्ड योजना की विशेषता) 

👉 सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम की विशेषता इस प्रकार हे

👉 भारत सरकार का इस सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम के तहत कम से कम १४ करोड़ किसानो को इसमें जोड़ना हे.

👉 देश के सभी भाग में यह योजना शामिल की जाएगी.

👉 इस योजना में सॉइल कार्ड के रूप में एक रिपोर्ट दी जाएगी, एव इस रिपोर्ट में उन लोगो की जमीं की मिट्टी की पूरी जानकारी होगी.

👉 एक खेत और जमीं के लिए हर ३ साल में एक बार सॉइल हेल्थ कार्ड दिया जायेगा.

सॉइल हेल्थ कार्ड योजना में जुड़े हुए कुछ तथ्य 

मृदा स्वास्थय कार्ड में मिट्टी के नमूने का पूरी तरह से निरिक्षण किया जायेगा और पूरा निरिक्षण करने के बाद सॉइल हेल्थ कार्ड में रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसमे निचे दी गयी चीज़ होगी

✅ मिट्टी का स्वास्थय

✅ मिट्टी की कार्यात्मक विशेषताए

✅ मिट्टी में पानी और अनन्य पोषक तत्वों की सामग्री

✅ जब मिट्टी में अतिरिक्त गुण अगर पाए जाते हे तो कार्ड में उसकी अलग सूचि दी जाएगी

और कुछ सुधारात्मक उपाय जिससे किसान अपनी मिट्टी की खामियों को सुधारने के लिए उपयोग कर सकेगा

Soil Health Card Scheme Budget  (मृदा स्वास्थय कार्ड योजना का बजट )

👉 इस स्कीम के लिए भारत सरकार द्वारा ५६८ करोड़ रुपये की राशि allocate की गयी हे, सन २०१६ मे भारत के केन्द्रीय बजट मे हर एक राज्यों मे सॉइल हेल्थ कार्ड बनाने के लिए और लब्स के सेट अप के लिए १०० करोड़ रूपये allocate किये गए हे

सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम कैसे कार्य करती हे?

मृदा स्वास्थय कार्ड योजना इस प्रकार काम करती हे|

▶ यह स्कीम मे सबसे पहले औथोरिटी अलग अलग मिट्टी के सैंपल को इकठा करेगी|

▶ और इसके बाद वे इस सॉइल हेल्थ लेब मे परिक्षण के लिए भेजेगी|

▶ लेब के अंदर के विशेषज्ञ इस मिट्टी की जाँच करेंगे|

▶ जाँच के बादमे वे लोग जांच का परिणाम का विश्लेषण करेंगे|

▶ और इसके बाद मे विभिन्न मिट्टी के सैंपल की ताकत(मजबूती) और कमजोरी की सूचि बनायेगे|

▶ यदि मिट्टी मे कुछ कमी हे तो उसके उपाय और सुधार के लिए सुझाव देंगे और उसकी अलग से एक सूचि बनायेगे|

▶ इसके बाद किसानो के लिए सॉइल कार्ड मे फोर्मेटेड तरीके से सभी जानकारी डाल देंगी|

▶ वे जानकारी ऐसे तरीके से दी जाएगी जिससे किसान अच्छी तरह सरलता से उस फॉर्मेट को समझ सके|

Benefits of Soil Health Card Scheme (मृदा स्वास्थय कार्ड योजना के फायदे)

👉 हमको पता हे की आज कल फसलों मे अनेक प्रकार के रोग लगते हे और इन रोगो की जाँच नहीं हो पा रही इसलिए सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम किसानो के लिए बहुत लाभकारी हे|

👉 इस योजना के माध्यम से पता लगाया जा सकता हे की कोनसी मिट्टी मे कितना पोषक तत्व शामिल हे , कम हे और ज्यादा हे वे भी पता कर सकते हे|

👉 और किसानो को इससे यह फायदा होगा और बताया जायेगा की किस प्रकार की मिट्टी मे कोनसी फसल बोये जाये और कोनसी फसल कितना लाभ देगी, कोनसी फसल नहीं बोना चाहिए और कोनसी फसल विकसित करना चाहिए|

👉 इस योजना से किसान को हर तीन साल मे एक बार इसकी एक रिपोर्ट दी जाएगी|

नियमित रूप से मिट्टी की तपास होने से किसानो को लम्बे समय तक मिट्टी को स्वस्थय रखने का रेकॉर्ड पाने मे मदद मिलेगी|

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